अपर सचिव (गृह) जे. पी. जोशी से पुलिस ने पूछताछ की

नौकरी का झांसा देकर एक युवती से रेप करने के मामले में पुलिस ने उत्तराखंड के अपर सचिव (गृह) जे. पी. जोशी से पुलिस ने पूछताछ की है। पीड़ित युवती द्वारा 22 नवंबर को दिल्ली में रेप का मामला दर्ज करवाने के करीब एक हफ्ते बाद पुलिस ने आरोपी अधिकारी के बयान दर्ज किए हैं।

 आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि मामले में पुलिस ने जोशी से शुक्रवार रात उनके आवास पर पूछताछ की और उसके बाद उनके बयान सीआरपीसी की धारा-161 के तहत दर्ज कर लिए गए।

 आरोप लगाने वाली 29 वर्षीया युवती के बयान उत्तराखंड पुलिस पहले ही दर्ज कर चुकी है। सूत्रों ने बताया कि जोशी और पीड़िता का बयान दर्ज करने के बाद अब पुलिस जांच दल नैनीताल जाएगा जहां कथित तौर पर रेप की घटना हुई थी। अपनी शिकायत में युवती ने कहा कि आरोपी अधिकारी ने उसे पर्यटन विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर नैनीताल बुलाया और पुलिस लाइन ऑफिसर्स क्लब के एक कमरे में उससे रेप किया। बाद में जोशी ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी।

दिल्ली में शिकायत दर्ज होने के बाद इस मामले को उत्तराखंड ट्रांसफर किया गया और गत 25 नवंबर को अपर सचिव के खिलाफ देहरादून के कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि, जोशी ने इन आरोपों को गलत बताते हुए देहरादून के बसंत विहार थाने में युवती सहित तीन लोगों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और धमकी देने का मुकदमा दर्ज करा दिया था।

 पुलिस को दी अपनी तहरीर में जोशी ने कहा कि 16 नवंबर से एक युवती के अलावा एम. पी. सिंह और संजय नाम के दो व्यक्ति फोन और एसएमएस के जरिए धन के साथ ही गोपनीय सरकारी दस्तावेज मांग रहे हैं और न देने पर उन्हें बदनाम करने की धमकी दे रहे हैं। जांच के लिए गठित की गई पुलिस टीम रेप के अलावा जोशी की ओर से युवती और दो अन्य के खिलाफ दी गई शिकायत की भी जांच-पड़ताल कर रही है।

उन्होंने बताया कि पीड़िता द्वारा बताई गई जगह पर जाकर घटना का ब्यौरा इकट्ठा किया जाएगा।